Rajasthan News: धर्मांतरण कानून पर राजस्थान में फिर गरमी, सुप्रीम कोर्ट की नोटिस के बाद राजनीति तेज़

Rajasthan News: राजस्थान में धर्मांतरण कानून एक बार फिर राजनीतिक टकराव की वजह बन गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार से जवाब तलब किए जाने के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। राज्य के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेदम ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्मांतरण कानून पर सवाल उठाकर एक बार फिर साबित कर रही है कि उसकी सोच हिंदू-विरोधी है। बेदम के मुताबिक, यह कानून जनता की मांग पर बना है और इसे लागू करने को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है।
“कांग्रेस हिंदुओं के खिलाफ”—जवाहर सिंह बेदम का आरोप
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेदम ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर गंभीर आरोप लगाए। बेदम ने कहा कि कांग्रेस नेता उन लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जो जबरन धर्मांतरण करवाने में शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डोटासरा उन समूहों के पक्ष में खड़े हैं जो लालच, डर, दबाव या प्रलोभन देकर हिंदुओं को धर्म बदलने के लिए मजबूर करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच ही ऐसी है कि वह हमेशा ऐसे कानूनों का विरोध करती है जो समाज में कट्टरपंथ को रोकने का काम करते हैं। बेदम ने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया समझ से परे है और यह साफ दिखाता है कि पार्टी की मंशा सही नहीं है।

विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण नेटवर्क पर सरकार का तंज
जवाहर सिंह बेदम ने आगे कहा कि इस कानून का विरोध करना कांग्रेस की “परंपरा” बन गई है। उन्होंने दावा किया कि कई विदेशी ताकतें धर्मांतरण की गतिविधियों में शामिल हैं और इन्हें फंडिंग भी विदेश से मिलती है। राज्य में इस तरह के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सख्ती जरूरी थी, इसलिए नया कानून लाया गया है। उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस कितना भी हल्ला मचाए, अब राजस्थान में जबरन धर्मांतरण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई हो और किसी भी संगठन को “गैरकानूनी धार्मिक गतिविधियों” की अनुमति न दी जाए।
सुप्रीम कोर्ट में जवाब की तैयारी, कानून के असर पर नज़र
सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार से मांगे गए जवाब को लेकर भी सरकार सक्रिय हो गई है। बेदम ने कहा कि कोर्ट द्वारा उठाए गए सवालों का विस्तृत उत्तर तैयार किया जा रहा है। सरकार कोर्ट को बताएगी कि राजस्थान में धर्मांतरण के मामले लगातार सामने आ रहे थे और इसीलिए सख्त कानून जरूरी था। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में इस कानून के लागू होने से बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे—चाहे वह धर्मांतरण गिरोह हों, विदेशी फंडिंग हो या ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले गुप्त गतिविधि केंद्र। मंत्री ने दावा किया कि कानून लागू होने के बाद स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा और समाज में जागरूकता भी बढ़ेगी।






