राजस्थान

Rajasthan News: CBI ने GST फ्रॉड का पर्दाफाश! अजित कुमार पात्रा गिरफ्तार, ₹18 लाख रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया

Rajasthan News: केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को ओड़िशा निवासी अजित कुमार पात्रा को गिरफ्तार किया है। पात्रा पर आरोप है कि वह स्वयं को वरिष्ठ GST अधिकारी और अन्य उच्च सरकारी पदाधिकारी बताकर व्यापारियों से भारी रकम की उगाही करता था। सीबीआई के अनुसार, पात्रा को राजस्थान में 18 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद दिल्ली, राजस्थान और ओड़िशा में छापों के दौरान 3.7 करोड़ रुपये नगद, एक किलो से अधिक सोना और कई लक्ज़री वाहन जब्त किए गए।

राजस्थान में सीबीआई ने घेरा और किया गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि पात्रा और उसके सहयोगी मिंकु लाल जैन जयपुर के एक व्यापारी से “कर अधिकारियों के मामले सुलझाने” के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे थे। 4 नवंबर को DGGI (Directorate General of GST Intelligence), जयपुर ने व्यापारी के प्रतिष्ठान पर छापा मारा। इसके बाद, व्यापारी ने पात्रा से संपर्क किया, जिसने खुद को GST और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े होने का दावा किया। पात्रा और जैन ने व्यापारी के सहयोगी जगजीत सिंह गिल के माध्यम से 18 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। 10 नवंबर को सीबीआई ने सूचना के आधार पर दोनों को जाल में फंसाया और पकड़े गए समय पर ही रिश्वत की रकम जब्त कर ली गई।

तीन राज्यों में एक साथ छापे

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दिल्ली, राजस्थान और ओड़िशा में पात्रा और जैन से जुड़े 20 से अधिक स्थानों पर छापे मारे। छापों के दौरान 3.7 करोड़ रुपये नगद, लगभग 1 किलो सोने के आभूषण, 26 संपत्ति दस्तावेज और 16 वाहन, जिनमें 4 लक्ज़री कारें शामिल हैं, जब्त किए गए। इसके अलावा, कई डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुए। अधिकारियों ने बताया कि पात्रा ने कई फर्जी पहचान पत्रों के माध्यम से CBIC, वित्त मंत्रालय और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी बनने का नाटक किया।

फर्जी पहचान के जरिए VIP सुविधा का लाभ

पात्रा इन फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग करके सरकारी कार्यालयों में प्रवेश, सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरना और VIP सुविधाएं लेने में सक्षम था। वर्तमान में, सीबीआई ने पात्रा और जैन दोनों को हिरासत में लिया है और पूछताछ शुरू कर दी है। जांच का उद्देश्य है इस रैकेट का पूरा नेटवर्क उजागर करना और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करना। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और कई खुलासे होने की संभावना है और यह जांच अभी भी जारी है।

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