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Delhi Bomb Blast: दिल्ली ब्लास्ट केस में नया ट्विस्ट! फरीदाबाद में मिली दूसरी कार, तीसरी पर अब BOLO अलर्ट

Delhi Bomb Blast: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह एक अकेला धमाका नहीं था, बल्कि एक बड़ा आतंकी प्लान था जिसमें सीरियल ब्लास्ट करने की साजिश रची गई थी। आतंकी मॉड्यूल ने तीन अलग-अलग कारों में आईईडी (IED) लगाने और धमाकों के बाद असॉल्ट राइफलों से गोलीबारी करने की योजना बनाई थी ताकि पूरे शहर में दहशत फैलाई जा सके। जांच में पता चला है कि उमर उन नबी और उसके सहयोगियों ने इस मिशन के लिए तीन कारें खरीदी थीं — इनमें से एक Hyundai i20 थी जो धमाके में उड़ गई। दूसरी लाल रंग की Ford EcoSport (नंबर 0458) फरीदाबाद से बरामद हुई है, जबकि तीसरी कार Maruti Brezza की तलाश अब भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियों ने अन्य संदिग्ध वाहनों के लिए BOLO (Be On the Lookout) अलर्ट जारी कर दिया है क्योंकि संभावना है कि अन्य वाहनों में भी विस्फोटक छिपाए गए हों।

राम मंदिर पर था निशाना, आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल

जांच में सामने आया है कि हमलावरों का अगला निशाना अयोध्या का राम मंदिर था, जहां 25 नवंबर को एक बड़ा धमाका करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए आतंकियों ने अमोनियम नाइट्रेट और आरडीएक्स का मिश्रण तैयार किया था। धमाके के बाद बरामद Hyundai i20 कार में मिले शव के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर FSL टीम ने इन डीएनए सैंपलों की तुलना उमर के परिवार से लिए गए सैंपलों से की। जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियों ने पुष्टि की कि सैंपल दिल्ली भेजे गए थे और रिपोर्ट की पुष्टि के बाद यह मामला एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दिया गया। अब एनआईए इस आतंकी मॉड्यूल की पूरी जड़ तक पहुंचने के लिए विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही है।

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गृह मंत्री अमित शाह की हाई-लेवल मीटिंग, सख्त कार्रवाई के निर्देश

धमाके के अगले ही दिन गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो प्रमुख तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा, एनआईए के महानिदेशक सदानंद वसंत डेटे और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात (वर्चुअल रूप से) शामिल हुए। बैठक के दौरान अमित शाह ने साफ कहा कि इस हमले में शामिल हर व्यक्ति को खोजकर सख्त सजा दी जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि दिल्ली और आस-पास के राज्यों में सभी संदिग्ध मॉड्यूल्स पर निगरानी बढ़ाई जाए और इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी हुए चिंतित, एनआईए के हवाले हुई जांच

इस आतंकी हमले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान से ही गृह मंत्री अमित शाह को फोन कर पूरी जानकारी ली। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो उस समय अंगोला में थीं, ने भी शाह से बात कर जांच की स्थिति जानी। दोनों शीर्ष नेताओं के निर्देश के बाद गृह मंत्रालय ने औपचारिक रूप से इस केस को एनआईए को सौंप दिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि यह मामला पहले से सक्रिय फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है। पिछले सप्ताह हुए एक अभियान में डॉ. उमर फरार हो गया था, और उसी नेटवर्क ने दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम दिया। अब एजेंसियां दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में उमर के अन्य साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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