
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस कार्यकाल की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को रोककर राजस्थान को विकास के रास्ते से भटका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां पूरी तरह विकास विरोधी हैं और वर्तमान सरकार राज्य को फिर से बीमारू श्रेणी की ओर धकेल रही है।
गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस सरकार ने राजस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कई ऐतिहासिक संस्थान स्थापित किए थे जिनमें राजीव गांधी फिनटेक इंस्टीट्यूट गांधी वाटिका म्यूज़ियम संविधान क्लब IPD टॉवर महात्मा गांधी गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज़ इंस्टीट्यूट 310 नए कॉलेज और पांच से अधिक विश्वविद्यालय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कई संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं लेकिन भाजपा सरकार ने या तो उनका काम रोक दिया है या तैयार होने के बावजूद उन्हें शुरू नहीं किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कोई व्यक्तिगत परियोजनाएं नहीं हैं बल्कि राजस्थान के उज्जवल भविष्य में कांग्रेस का योगदान हैं। उन्होंने पूछा कि भाजपा सरकार विकास के प्रति इतनी उदासीन क्यों है। गहलोत ने संविधान क्लब का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे राजनेताओं बुद्धिजीवियों पत्रकारों साहित्यकारों न्यायपालिका और प्रशासन के बीच रचनात्मक संवाद के लिए बनाया गया था लेकिन अब तक सदस्यता प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि गांधी वाटिका म्यूज़ियम युवाओं को महात्मा गांधी के विचारों से जोड़ने के लिए बनाया गया था लेकिन सरकार ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। अन्य अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन गांधी वाटिका म्यूज़ियम के प्रचार या स्कूलों के बच्चों को वहां लाने के लिए एक भी कदम नहीं उठाया गया। गहलोत ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज़ में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ जैसे शीर्ष संस्थानों के साथ मिलकर नए कोर्स शुरू किए जाने थे लेकिन भवन और समझौता तैयार होने के बावजूद संस्थान को चालू नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि हर परियोजना एक ही कहानी कहती है भाजपा की मानसिकता पिछड़ी और नकारात्मक है। ऐसा लगता है जैसे भाजपा राजस्थान को फिर से बीमारू राज्य बनाने पर तुली हुई है।
वहीं भाजपा प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने गहलोत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के लिए अब सरकार की आलोचना करना रोज की आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कोई भी लोककल्याणकारी योजना बंद नहीं की है। गहलोत सरकार कुप्रबंधन के लिए जानी जाती थी और उन्हें अब जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।






