Ethiopian Volcano से राख के बादल भारत पहुंचे, दिल्ली और राजस्थान में हवाई यातायात प्रभावित, एयरलाइन्स अलर्ट!

Ethiopian Volcano: इथियोपिया के हैले गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट से निकले राख के बादल अब भारत पहुंच चुके हैं। यह बादल 25,000 से 45,000 फीट की ऊँचाई पर हैं और दिल्ली, राजस्थान तथा उत्तर भारत के बड़े हिस्सों को प्रभावित कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर जैसी एयरलाइंस को सतर्क कर दिया गया है। इंडिगो ने अपने बयान में कहा कि “इथियोपिया के हैले गुब्बी ज्वालामुखी से निकले राख के बादल पश्चिमी भारत की ओर बढ़ रहे हैं। हम समझते हैं कि यह समाचार चिंता पैदा कर सकता है, लेकिन आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी टीमें अंतरराष्ट्रीय उड्डयन अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रही हैं।”
एयरलाइंस ने उठाए सुरक्षा कदम
इंडिगो ने यह भी बताया कि “हम सुरक्षित और विश्वसनीय उड़ानों को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सावधानियों से लैस हैं। हमारी टीमें हर जगह सहायता के लिए उपलब्ध हैं। हम दिन-रात स्थिति पर नजर रखेंगे और किसी भी अपडेट की जानकारी यात्रियों को देंगे ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो।” एयर इंडिया ने भी बयान जारी करते हुए यात्रियों की सुरक्षा पर जोर दिया और कहा कि “इथियोपिया में ज्वालामुखी विस्फोट के कारण कुछ क्षेत्रों में राख के बादल देखे जा रहे हैं। हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और अपने क्रू के साथ लगातार संपर्क में हैं। फिलहाल एयर इंडिया की उड़ानों पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है।”

कुछ मार्ग प्रभावित हो सकते हैं
एयरलाइंस ने यह भी स्पष्ट किया कि “यात्रियों, क्रू और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह हमारी प्राथमिकता है। हमारी ग्राउंड टीम नेटवर्क भर में यात्रियों को सहायता प्रदान करेगी और उड़ानों की स्थिति के बारे में अपडेट देती रहेगी।” इसी बीच, मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने यात्रियों के लिए सलाह जारी की कि “इथियोपिया में ज्वालामुखी विस्फोट के कारण पश्चिम एशिया के एयरस्पेस में प्रभाव पड़ा है, जो कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों को प्रभावित कर सकता है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी उड़ानों की स्थिति की जांच करें।”
अकासा एयर की स्थिति निगरानी
अकासा एयर ने भी कहा कि वह इथियोपिया में ज्वालामुखी गतिविधियों की निगरानी कर रही है और उड़ानों पर संभावित प्रभाव का आकलन कर रही है। एयरलाइन ने X पर लिखा, “हमारी टीमें स्थिति का मूल्यांकन करेंगी और अंतरराष्ट्रीय उड्डयन सलाह एवं सुरक्षा नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगी। यात्रियों की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ज्वालामुखी लगभग 10,000 वर्षों से शांत था और रविवार को अचानक सक्रिय हुआ। अधिकारियों और एयरलाइंस ने सुरक्षित हवाई यात्रा सुनिश्चित करने के लिए राख के बादल पर बारीकी से नजर रखी है। हालांकि विस्फोट अब थम चुका है, लेकिन विशाल राख का बादल उत्तरी भारत की ओर बढ़ रहा है।






