Amit Malviya: सोशल मीडिया पर Anti-India इकोसिस्टम का पर्दाफाश! अमित मालवीय बोले—बड़ी साजिश की तैयारी शुरू

Amit Malviya: सोशल मीडिया पर अचानक फैलने वाली फेक न्यूज़, भारत-विरोधी पोस्ट और जातिगत भड़काऊ कंटेंट को आपने कई बार देखा होगा। ऐसा कंटेंट अक्सर किसी बहस या चुनावी माहौल के दौरान तेजी से वायरल हो जाता है। बीजेपी की नेशनल आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने इस मामले में एक बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि भारत के खिलाफ एक संगठित, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित अभियान चल रहा है, जिसमें कई सोशल मीडिया हैंडल भारतीय होने का दिखावा करते हैं, लेकिन उनकी वास्तविक लोकेशन भारत के बाहर—खासतौर पर पाकिस्तान और बांग्लादेश—से जुड़ी हुई पाई जा रही है। मालवीय ने इसे भारत की सामाजिक संरचना को अस्थिर करने की बड़ी कोशिश बताया है।
विदेशों से चल रहे प्रोकांग्रेस और एंटी-इंडिया अकाउंट्स?
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा, “जबसे X ने लोकेशन दिखाना शुरू किया है, एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया है। बड़ी संख्या में प्रो-कांग्रेस, एंटी-हिंदू और जातिगत भेदभाव फैलाने वाले हैंडल भारत से ऑपरेट ही नहीं हो रहे हैं। इनमें से कई पाकिस्तान, बांग्लादेश और एशिया के अन्य देशों से चल रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इन अकाउंट्स ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई बार यूज़रनेम बदले हैं, ताकि उनकी असली लोकेशन और उद्देश्य लोगों की नज़र में न आए। मालवीय के मुताबिक, यह संकेत देता है कि एक कोऑर्डिनेटेड ग्लोबल ऑपरेशन भारत की सामाजिक एकता को तोड़ने, फेक न्यूज़ फैलाने और देश के भीतर विभाजन बढ़ाने के लिए सक्रिय है।
After X enabled location details, an interesting pattern has emerged.
A large number of pro-Congress, anti-Hindu, and divisive caste-based handles are not even operating from India. Many are being run from Pakistan, Bangladesh, and other parts of Asia and the world.
Almost all…— Amit Malviya (@amitmalviya) November 23, 2025
भारत की सामाजिक चर्चा को प्रभावित करने की कोशिश?
अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि बाहरी ताकतें भारत के राजनीतिक माहौल, धार्मिक विवादों और जातिगत मुद्दों का फायदा उठाकर सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही हैं। उनका कहना है कि जब फेक लोकेशन वाले अकाउंट्स बड़ी संख्या में एक जैसी कथाएं फैलाते हैं तो यह स्पष्ट संकेत है कि यह कोई व्यक्तिगत गतिविधि नहीं, बल्कि एक संगठित अभियान है। ऐसे अकाउंट्स भारत के राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हैं, खासकर भाजपा और हिंदू संगठनों पर, और समाज में अविश्वास पैदा करने की कोशिश करते हैं। मालवीय ने जनता से अपील की है कि ऐसे फर्जी कंटेंट से सावधान रहें और बिना तथ्य-जांच किए किसी भी विवादित पोस्ट को साझा न करें।
SIR मुद्दे पर ममता बनर्जी को जवाब
एक अन्य पोस्ट में अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को SIR (Special Revision) मुद्दे पर जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “आप फिर झूठ बोल रही हैं—तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही हैं, अपनी भ्रष्ट प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रही हैं और BLOs (Booth Level Officers) के नाम पर झूठी सहानुभूति का नाटक कर रही हैं।” मालवीय ने कहा कि जब तक इस मामले की स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक ममता बनर्जी के आरोपों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने राजनीतिक हितों के लिए भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं।






